अप्रैल 17, 2017

एनसीएलटी ने शापूरजी पालोनजी समूह कंपनियों द्वारा टाटा सन्स के खिलाफ की गयी पिटीशन को खारिज किया

मुंबई: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) द्वारा छूट आवेदन और कंपनी पिटीशन के निरस्त करने के आदेश का आज स्वागत किया है, जिसे टाटा संस के खिलाफ इसके भूतपूर्व चेयरमैन श्री साइरस पी मिस्त्री से संबंधित शेयरधारकों द्वारा फाइल किया गया था।

एनसीएलटी ने अपने 06 मार्च 2017 के आदेश के माध्यम से यह निर्धारित किया है कि शापूरजी पालोनजी समूह कंपनियों द्वारा श्री मिस्त्री के मामले को स्पाउस करने के किए गए दावे कंपनी अधिनियम 2013 के अनुच्छेद 244 के अंतर्गत निर्धारित जारी शेयर पूंजी की 10% न्यूनतम सीमा को पूरा नहीं करते हैं। आज एनसीएलटी ने एक और आदेश जारी करते हुए उन शेयरहोल्डिंग जरूरतों की सीमा से छूट के लिए उनके द्वारा किए गए छूट आवेदन को भी निरस्त कर दिया है, साथ ही टाटा संस के कुप्रबंधन व अल्पसंख्य के उत्पीड़न के आरोप को भी निरस्त कर दिया है।

इस निर्णय का स्वागत करते हुए श्री एफ.एन. सूबेदार, मुख्य परिचालन अधिकारी, टाटा संस ने कहा: “हमें खुशी है कि श्री मिस्त्री के दावों को एनसीएलटी द्वारा निरस्त कर दिया गया है। एनसीएलटी के इस आदेश ने हमारी स्थिति की पुष्टि कर दी है।

“हम आशा करते हैं कि कंपनी, टाटा ट्रस्ट व श्री रतन एन टाटा के विरुद्ध किए जा रहे कुप्रचार के अभियान को इससे विराम लग जाएगा। टाटा संस अपने कार्यकारी चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में अपने भविष्य के विकास पर फोकस रखना जारी रखेगी।”

एनसीएलटी रूलिंग के प्रभाव

टाटा संस एनसीएल के इस आदेश को इस बाद का प्रदर्शन मानती है कि वादकर्ता तथाकथित कुप्रबंधन, उत्पीड़न व अन्य कार्रवाइयों के ऊपर सुनवाई के दौरान अपने मामले को स्थापित करने में विफल रहे हैं।

17 अप्रैल 2017 का एनसीएलटी का आदेश, कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा जारी ऐसा पांचवा आदेश है जिसमें शापूरजी पालोनजी समूह कंपनियों व श्री साइरस मिस्त्री के राहत के अनुरोधों को निरस्त कर दिया गया है।

"श्री मिस्त्री ने कई गलत व आधारहीन आरोप लगाए जिनका इरादा टाटा समूह के नाम को हानि पहुंचाना था," श्री सूबेदार ने कहा। "एनसीएलटी का आज का आदेश यह स्पष्ट करता है कि सुनवाई के लिए कोई मामला बनता ही नहीं है। पिछले छः महीनों में श्री मिस्त्री किसी मामले को प्रस्तुत कर पाने में विफल रहे हैं। हम विश्वास करते हैं कि एनसीएलटी का यह निर्णय इस मामले को समाप्त कर देगा," उन्होने आगे कहा।