नवम्बर 20, 2017

टाटा टेलेसर्विसेज़ ने टाटा बिजनेस लीडरशिप अवार्ड्स 2017 का इंटरनल ट्रैक जीता

  • पहले व दूसरे उपविजेता अवार्ड टाटा मोटर्स को मिले
  • विजेताओं को टीएएस मुंबई में सीधे प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू हासिल हुआ

मुंबई: ई-कॉमर्स ने 2015 में सेंटरस्टेज हासिल किया। बिग डेटा एनालिटिक्स ने 2016 में तेजी हासिल की। इस साल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ केन्द्र में था। टाटा बिजनेस लीडरशिप अवार्ड्स (टीबीएलए) 2017, टाटा समूह द्वारा आयोजित वार्षिक बिजनेस केस प्रतिस्पर्धा में प्रीमियर बिजनेस स्कूलों (कैंपस ट्रैक) तथा टाटा कंपनियों (इन-हाउस ट्रैक) के सर्वश्रेष्ठ दिमागों ने सामने आ कर टाटा कंपनियों द्वारा पैदा औद्योगिक अपशिष्ट को कम करने, कार्यकुशल निस्तारण व उत्पादक उपयोग के लिए अभिनव समाधान पेश किए।

मुंबई में आयोजित एक अवार्ड समारोह में टाटा बिजनेस लीडरशिप अवार्ड्स (टीबीएलए) 2017 के विजेताओं टाटा टेलेसर्विसेज़ की टीम इन्विक्टस को सम्मानित करते हुए डॉ गोपीचंद कटारागड्डा, समूह चीफ प्रौद्योगिकी अधिकारी, टाटा सन्स

जबकि इस कंपटीशन का कैंपस ट्रैक एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई ने जीता इंटरनल ट्रैक में टाटा टाटा टेलेसर्विसेज़ की टीम इन्विक्टस ने शीर्ष सम्मान हासिल किया जिसके बाद टाटा मोटर्स की टीम वाटेक्स (प्रथम उप विजेता) और टीम फोनिक्स (द्वितीय उपविजेता) रहीं। फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीमें टाटा ग्लोबल बेवरेजेस, टाटा पावर, इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल), टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) तथा टाइटन कंपनी थीं।

अंतिम राउंड की टीमों को एक चुनौती दी गयी थी जिसमें उनको टाटा समूह के अंदर एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी बनानी थी जो टाटा कंपनियों के औद्योगिक कचरे की जिम्मेदारी ले सके और हितधारकों को मूल्य प्रदान कर सके। टाटा टेलेसर्विसेज़ की विजेता प्रविष्टि ने पांच ग्राहक उन्मुख ब्रांडों के साथ एक कंपनी की स्थापना का सुझाव दिया, जिनमें से प्रत्येक कचरे से बने भिन्न-भिन्न उत्पादों की एक उत्पाद श्रंखला को संभालेंगे। यह विचार, बाजार विस्तार और मांग के निर्माण द्वारा मूल्य निर्माण पर आधारित था।

विजेताओं को प्रतिष्ठित टीबीएलए रोलिंग ट्रॉफी, रु.5,00,000 के नगद पुरस्कार और टीएएस में सीधे प्री-प्लेसमेंट साक्षात्कार (पीपीआई) के अवसर से सम्मानित किया गया, जो कि टाटा समूह का फ्लैगशिप लीडरशिप विकास प्रोग्राम है। पहले व दूसरे उपविजेता क्रमशः रु.2,00,000 और रु.1,00,000 का नगद पुरस्कार के साथ टीएएस प्रेजन्टेशन राउंड में भाग लेने के अवसर पाएंगे।

इस अवसर पर बोलते हुए एस पद्मनाभन, समूह चीफ मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ), टाटा संस ने कहा, “टीबीएलए का लक्ष्य उज्जवल दिमागों से इंगेज करने के साथ उनको उनकी लीडरशिप व उद्यमिता क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए प्लेटफार्म प्रदान करना है। अपने 15 वें साल में यह प्रतिभा को सम्मानित करने और चुनौतीपूर्ण वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के लिए अभिनव समाधान पेश करने का उत्साह पैदा करने में सफल रही है। कारपोरेट भारत के सामने पेश हो रहीं, सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक कचरा प्रबंधन चुनौतियों का सामना करने में फाइनलिस्टों द्वारा उनके विचारों को सहज तरीके से प्रस्तुत करते देखना बहुत दिलचस्प था।”

डॉ गोपीचंद कटारागड्डा, ग्रुप चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, टाटा संस और राजेश गोपीनाथ, सीईओ व एमडी, टीसीएस सहति टाटा समूह की वरिष्ठ लीडरशिप इस अवसर पर उपस्थित थी।

प्री-फाइनल लाउंड्स में भाग लेने वाली टीमों ने टाटा स्टील, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स तथा जिंजर होटल्स जैसी टाटा कंपनियों के सजीव बिजनेस केसों के समाधान पेश किए। वरिष्ठ टाटा लीडरों द्वारा फाइनल प्रतिस्पर्धा के लिए ग्यारह टीमों को चुना गया।