मार्च 24, 2017

टाटा ट्रस्ट तथा पीपल फॉर एनीमल ने नवी मुंबई में अत्याधुनिक पशु अस्पताल शुरु करने की योजना की घोषणा की

यह केंद्र भारत में अपनी तरह का पहला पशु चिकित्सा केंद्र होगा

देवेंद्र फड़नवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र सरकार, द्वारा टाटा ट्रस्ट्स तथा पीपल फॉर एनीमल द्वारा निर्माण किए जानेवाले अत्याधुनिक पशु-चिकित्सा केंद्र के आधारशिला पट्ट का अनावरण, सुधीर मुंगांतिवार, मंत्री– वित्त, योजना तथा वन विभाग, महाराष्ट्र सरकार; मेनका संजय गांधी, केंद्रीय मंत्री– महिला तथा बाल विकास मंत्रालय, एवं संस्थापक, पीपल फॉर एनीमल्स; रतन एन टाटा, चेयरमैन, टाटा ट्रस्ट्स; महादेव जानकार, मंत्री, पशुपालन, डेयरी विकास तथा मत्यपालन विभाग की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। यह पट्टिका पशु स्वास्थ्य चिकित्सा हेतु करुणामय और अटूट प्रतिबद्धता का एक प्रतीक है

मुंबई: टाटा ट्रस्ट्स, भारत के एक सबसे पुराने लोकोपकारी संगठन ने, देश के एक सबसे बड़े प्राणी अधिकार संगठन पीपल फॉर एनीमल (पीएफए) के साथ सहभागिता करते हुए, आज एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट, मल्टी-स्पेशियलिटी पशु अस्पताल तथा अपात क्लिनिक बनाने के लिए अपने गठबंधन की घोषणा की है, जिसमें सभी घरेलू तथा कृषि पशुओं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें वहनीय तथा सुलभ दरों पर पूरी की जाएंगी। यह अस्पताल नवी मुंबई के कालाम्बोली में अवस्थित होगा और आशा है कि यह अगले दो वर्षों में पशुओं की चिकित्सा हेतु पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण, सुविधाएं तथा मूलभूत संरचना सहित परियोजना की अनुमानित लागत रु. 100 करोड़ से ज्यादा है।

पीपल फॉर एनीमल देश में प्राणी कल्याण के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्था है, जो आपदाग्रस्त तथा जरूरतमंद प्राणियों के लिए सहायता तथा पुनर्वास के कार्यों में संलग्न है। टाटा ट्रस्ट्स, 125 वर्षों से अधिक समय से, सहायता तथा सेवा की आवश्यकता के मूलभूत सिद्धांतों से प्रेरित रहे हैं। इन्होंने भारत भर में कई प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना में सहयोग दिया है, जिनमें टाटा मेमोरियल सेंटर, भरतीय विज्ञान संस्थान तथा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के नाम शामिल हैं। टाटा ट्रस्ट्स तथा पीपल फॉर एनीमल आशा करते हैं कि यह पशु चिकित्सा केंद्र देश में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में इसी प्रकार की विशेषज्ञता से युक्त संस्थान बनेगा।

राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य परिदृश्य तथा अभाव:

कार्मिक:
  • देश में केवल 63,000 पशु-स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध हैं जबकि आवश्यकता 120,000 की है
संस्थागत:
  • भारत में प्रति कॉलेज 60 छात्रों के औसत के साथ 55 पशु-चिकित्सा कॉलेज हैं
  • प्रतिवर्ष 3,300 नए पशु-स्वास्थ्य चिकित्सा छात्र दाखिला लेते हैं जिनमें एक तिहाई बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं
अवसंरचना:
  • भारत में केवल प्राथमिक पॉलीक्लीनिक हैं, जो अनियमित रूप से स्थापित किए गए हैं, तथा देशभर में केवल दो रक्तकोष कार्यरत हैं
  • देश में इमेजिंग, इंटेंसिव चिकित्सा, डायलिसिस, पैथोलॉजी तथा रिकवरी की मौजूदा सुविधाएं बेहद अपर्याप्त हैं
स्रोत: हॉस्पीहेल्थ इंडिया कंसल्टेंट्स

इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, “यह मुंबई के लिए एक गौरवान्वित क्षण है, जब पीएफए तथा टाटा ट्रस्ट्स जैसे संस्थान साथ मिलकर मुंबई में एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट पशु चिकित्सा अस्पताल स्थापित करने जा रहे हैं। मैं इस महान कार्य में भाग लेने के लिए उन्हें बधाई देता हूं। मेनकाजी और टाटा ट्रस्ट्स के सम्मिलित प्रयासों से, इसमें ऐसी क्षमताओं का सृजन होगा जिससे संपूर्ण देश को लाभ हो सकेगा। श्रीमान टाटा, आप हमें प्रेरित करते रहें, और टाटा ट्रस्ट्स एक ऐसी संस्था है जिसने महाराष्ट्र में हर एक अच्छे प्रयास को अपना समर्थन दिया है।* टाटा ट्रस्ट्स लोगों के जीवन में परिवर्तन ला रहा है, और समाज के वंचित तथा अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। मुझे विश्वास है कि यह आगामी प्रयास महाराष्ट्र के लोगों के लिए लाभदायक होगा, और मैं इस प्रयास को प्रारंभ करने के लिए पीपल ऑफ एनीमल तथा टाटा ट्रस्ट्स दोनों को धन्यवाद देता हूं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपको हमेशा महाराष्ट्र सरकार का समर्थन मिलता रहेगा।”

मेनका गांधी, केंद्रीय महिला तथा बाल विकास मंत्री तथा संस्थापक, पीपल फॉर एनीमल ने कहा, “मैं श्री देवेंद्र फडनवीस तथा श्री रतन टाटा को उस स्वप्न को साकार करने में उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं जो आज से 35 वर्ष पूर्व मैंने प्रीतीश नंदी, एमएफ हुसैन, मारियो मिरांडा, अनुपम खेर के साथ मिलकर देखा था और एक अखिल भारतीय पशु संगठन की हमारी जरूरत के लिए आवाज उठाई थी। मैंने टाटा ट्रस्ट्स से संपर्क किया और उन्होंने विभिन्न तरह के कामों में हमेशा मेरी मदद की है और मैं इसके लिए हृदय से आभारी हूं। आज जो हो रहा है वह एक चमत्कार है। मैं हृदय से आभारी हूं कि मुख्यमंत्री महोदय आज यहां आने और हमारे साथ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सहमत हुए। वे एक व्यावहारिक, संवेदनशील और अच्छी सरकार का संचालन करते हैं। मैं अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं कि यह अस्पताल आनेवाले दिनों में और भी शानदार बने।”

रतन एन टाटा, चेयरमैन, टाटा ट्रस्ट्स ने कहा, “आज का दिन मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि यह मेरे लिए एक सपना था और मैं इसे साकार होता हुआ देख सकता हूं। मुंबई शहर में एक अत्याधुनिक पशु तथा देखभाल इकाई की बहुत ज्यादा जरूरत थी। हमें खुशी है।* टाटा ट्रस्ट्स ने इस संस्थान को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सहमति दी है क्योंकि यह पशुओं की रक्षा में सहायता करेगा, जो प्राणी हमें इतना कुछ प्रदान करते हैं। शहर को एक अच्छी संस्था देने का वादा किया गया है और मुझे यकीन है कि हम सब, जो इसमें सम्मिलित हैं, इसे साकार करने के लिए लगन और ईमानदारी से काम करेंगे।”

इस पशु चिकित्सा केंद्र की कल्पना के अनुसार यह एक अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय होगा जो 9,000 वर्गमीटर से ज्यादा में फैला होगा, जिसमें छोटे तथा बड़े जानवरों के लिए आपातकालीन, आंतरिक मरीज तथा बाह्य मरीज चिकित्सा सुविधाएं मौजूद होंगी। यह केंद्र ऑपरेशन थियेटर, एक इंटेंसिव केयर यूनिट, रिकवरी कमरों तथा इमेजिंग और पैथोलॉजी आदि सेवाओं से सुसज्जित होगा। इसे एक ऐसे संपूर्ण सुविधासंपन्न केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है जहां जानवरों के लिए उच्च-स्तरीय मेडिकल चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके साथ ऑर्थोपेडिक्स, डेंटिस्ट्री, ट्रॉमा सर्जरी और अन्य इलाज भी उपलब्ध होंगे जिनका आज वृहत्तर मुंबई क्षेत्र में अभाव है।

जानवरों के लिए मेडिकल सुविधाओं के साथ ही, यह प्रस्तावित अस्पताल पशु-चिकित्सा शिक्षा तथा प्रशिक्षण कार्य भी संचालित करेगा तथा यहां कार्यरत चिकित्सकों के कौशल विकास के लिए कार्यशालाएं तथा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यह केंद्र, इसके अलावा, सुप्रशिक्षित कर्मियों का एक कार्यसमूह तैयार करने के लिए पशु-चिकित्सा के सहायक कर्मियों को भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जो अस्पताल को सेवा प्रदान करने के साथ ही भारत में पशु-चिकित्सा के क्षेत्र में व्याप्त मानव-संसाधन के अभाव की भी पूर्ति करेंगे।

टाटा ट्रस्ट्स तथा पीपल फॉर एनीमल्स यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि यह पशु चिकित्सा केंद्र, भारत में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक उच्चस्तर का संस्थान बने जिसके लिए पशु-चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्था, कार्नेल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ वेटनरी मेडिसिन जैसे सहयोगियों से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग हासिल किया जाएगा। कार्नेल यूनिवर्सिटी इस परियोजना के लिए अपनी विशेषज्ञताएं प्रदान करेगा और संस्थान के डिजाइन, योजना और संचालन पर अपने सुझाव उपलब्ध कराएगा।

टाटा ट्रस्ट्स तथा पीपल फॉर एनीमल का विश्वास है कि यह पशु-चिकित्सा केंद्र एक अभिनव प्रयास है जो पशु-स्वास्थ्य तथा कल्याण के क्षेत्र में एक गंभीर और अनिवार्य आवश्यकता की पूर्ति करेगा।