टाटा सन्स

टाटा सन्स मुख्य परिचालित टाटा कंपनियों के प्रमोटर हैं तथा इन कंपनियों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं। टाटा कंपनियों को आमतौर पर टाटा समूह के नाम से जाना जाता है और टाटा सन्स के अध्यक्ष टाटा समूह के अध्यक्ष भी होते हैं।

टाटा सन्स के लगभग 66 प्रतिशत इक्विटी शेयरों पर टाटा परिवार के सदस्यों द्वारा प्रदत्त धन से संचालित परोपकारी ट्रस्टों का अधिकार है। इनमें से सबसे बड़ा ट्रस्ट है सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट, जिनकी स्थापना संस्थापक श्री जमशेदजी नसरवानजी टाटा के पुत्रों द्वारा की गई।

व्यापार के क्षेत्र

कंपनी के मुख्य कार्यकलाप हैं:

  • परिचालन कंपनियों में निवेश करना और उनकी संवृद्धि में मदद करना।
  • नए एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देना।

टाटा सन्स भारत और दुनिया भर में टाटा के नाम और टाटा ट्रेडमार्क के स्वामी हैं। इनका उपयोग विभिन्न टाटा कंपनियों द्वारा टाटा सन्स के लाइसेंस के तहत कॉरपोरेट पहचान के तौर पर तथा/या उनके उत्पाद और सेवाओं के संदर्भ में किया जाता है। टाटा कंपनियों द्वारा समूह के चिह्न तथा लोगो के उपयोग की शर्तों का निर्धारण, टाटा सन्स तथा टाटा कंपनियों के बीच ब्रांड इक्विटी तथा बिजनेस प्रमोशन समझौते के अनुसार होता है।

टाटा सन्स के एक डिविजन टाटा बिजनस एक्सीलेंस ग्रुप टाटा कंपनियों को उनके बिजनस एक्सीलेंस प्रयासों में टाटा बिजनस एक्सीलेंस मॉडल, व्यवसाय नैतिकता के प्रबंधन और टाटा आचार संहिता (टाटा कोड ऑफ कंडक्ट) के जरिए सहायता करता है। टाटा कंपनियों को समूह स्तर के प्रॉसेस और प्रणालियों के जरिए, जो कि टाटा ब्रांड इक्विटी तथा बिजनस प्रोमोशन एग्रीमेंट के तहत बिजनस एक्सीलेंस को प्रोत्साहित और सक्षम करती हैं, विश्व-स्तरीय मानकों की प्राप्ति में सहायता दी जाती है।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

अवस्थिति

टाटा सन्स भारत में मुंबई में स्थित है।

यह प्रोफाइल नवम्बर 17, 2017 को 17:37 भारतीय मानक समय पर अद्यतन किया गया था।
अधिक जानकारी के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट देखें (वेबसाइट लिंक इस पृष्ठ पर 'संपर्क' अनुभाग में उपलब्ध है)